shayri shayri 31/01/2026 Bhaveer बंधी हैं हाथ पर सबके घड़ियाँ मगर… पकड़ में किसी के एक लम्हा भी नहीं…
shayri shayri 31/01/2026 Bhaveer जिन्हें कभी मेरी हर साँस की खबर थी,उन्हें क्या पता मैं औरों के लिए कितना अनजान था। कद्र तब हुई मेरी दूरी की,जब मैं भी उनकी ज़िंदगी में “कोई और”…
shayri शायरी 31/01/2026 Bhaveer कलम उठाई है लफ्ज नहीं मिलता,जिसे ढूँढ रहा हूँ, वो शख्स नहीं मिलता !!फिरते हो तुम ज़माने की तलाश में,बस हमारे लिए तुम्हे वक़्त नहीं मिलता