Category: shayri

shayri

बंधी हैं हाथ पर सबके घड़ियाँ मगर… पकड़ में किसी के एक लम्हा भी नहीं…

shayri

जिन्हें कभी मेरी हर साँस की खबर थी,उन्हें क्या पता मैं औरों के लिए कितना अनजान था। कद्र तब हुई मेरी दूरी की,जब मैं भी उनकी ज़िंदगी में “कोई और”…

शायरी

कलम उठाई है लफ्ज नहीं मिलता,जिसे ढूँढ रहा हूँ, वो शख्स नहीं मिलता !!फिरते हो तुम ज़माने की तलाश में,बस हमारे लिए तुम्हे वक़्त नहीं मिलता