बाड़मेर वन विभाग ने शुक्रवार शाम को 5 बजे बाड़मेर और बालोतरा के 40 चिन्हित जगहों पर वन्य जीव की गणना शुरू कर दी है। गणना परंपरागत तरीके वाटर हॉल पद्धति से की जा रही है। गणना शनिवार शाम 5 बजे तक लगातार जारी रहेगी इस बार विभाग ने पारदर्शिता और सहभागिता को ध्यान में रखते हुए आम वन्यजीव प्रेमियों, वन मित्रों और स्टूडेंट को भी शामिल किया है। पिछले साल 12 प्रतिशत वन्यजीव की बढ़ोत्तरी हुई थी 40 जगहों पर हो रही है गणना वन विभाग ने गणना के लिए जिले भर के प्रमुख स्थानों को चिन्हित किया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार सबसे अधिक हलचल शिव तहसील के 6 और बाड़मेर तहसील के 7 वाटर हॉल पर की जा रही है सिवाना, बालोतरा, सिणधरी और चौहटन में 4-4 जबकि बायतु और धोरीमन्ना तहसील में 5-5 वाटर पर गणना की जा रही है। इन स्थानों पर विभाग की टीमें और वॉलंटियर्स तैनात है ताकि एक भी वन्यजीव गणना से छूट न पाए। बाड़मेर व बालोतरा की 8 रेंज में 40 वाटर प्वाइंट पर 100 से ज्यादा कार्मिकों की ओर से बायनोक्यूलर, कैमरे व मोबाइल से वन्यजीवों की गणना कर रहे है बाड़मेर बालोतरा में 40 वाटर हॉल जगहों से की जा रही है वन्यजीव की जनगणना शनिवार शाम 5 बजे तक होगी गणना वन्यजीव गणना लगातार 24 घंटे तक चलेगी। शुक्रवार शाम को 5 बजे गणना शुरू की गई है। 2 मई यानि शनिवार को शाम 5 बजे तक की जाएगी चांदनी रात में आसान होती है गणना बुद्ध पूर्णिमा की रात को चांद की रोशनी बेहद तेज होती है, जिससे जंगलों में रात के समय भी जल स्रोतों पर आने वाले वन्यजीव स्पष्ट रूप से नजर आते हैं। यही कारण है कि इस अवसर पर गिनती करना आसान हो जाता है। इसके लिए किसी तरह की आर्टिफिशियल रोशनी की जरूरत नहीं होती, जिससे वन्यजीव भी प्राकृतिक माहौल में सहज रहते हैं और उनकी गतिविधियों का सटीक अवलोकन संभव होता है Post navigation सार्वजनिक श्मशान घाट फाटक किया बंद, अब हादसे की बढ़ी आशंका