जिले में कुष्ठ रोग के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने एवं समाज में व्याप्त भ्रांतियों को दूर करने के उद्देश्य से स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान का जिला स्तर पर शुभारम्भ किया गया। अभियान का शुभारम्भ जीएनएम प्रशिक्षण केंद्र के विद्यार्थियों द्वारा आयोजित जागरूकता रैली के माध्यम से किया गया। रैली को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विष्णुराम विश्नोई ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इस अवसर पर सीएमएचओ डॉ. विष्णुराम विश्नोई ने उपस्थित विद्यार्थियों एवं आमजन को संबोधित करते हुए कहा कि कुष्ठ रोग एक संक्रामक रोग जरूर है, लेकिन यह पूर्णतः उपचार योग्य है। उन्होंने कहा कि समय पर पहचान एवं नियमित उपचार से कुष्ठ रोग से होने वाली विकलांगता को रोका जा सकता है। साथ ही उन्होंने समाज में कुष्ठ रोग को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करने तथा रोगियों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया।
डिप्टी सीएमएचओ डॉ. महिपाल सिंह ने अभियान की थीम “भेदभाव का अंत एवं गरिमा सुनिश्चित करना” पर विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि कुष्ठ रोग से ग्रसित व्यक्तियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार का सामाजिक भेदभाव रोग नियंत्रण में सबसे बड़ी बाधा है और सभी को मिलकर इस मानसिकता को बदलने की आवश्यकता है।
जिला कार्यक्रम समन्वयक राकेश भाटी ने बताया कि स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान जिले में 30 जनवरी से 13 फरवरी तक संचालित किया जाएगा। अभियान अवधि के दौरान जिलेभर में विभिन्न गतिविधियाँ जैसे जन-जागरूकता रैलियाँ, स्वास्थ्य वार्ताएं, प्रशिक्षण कार्यक्रम, प्रतियोगिताएं एवं जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक कुष्ठ रोग से संबंधित सही जानकारी पहुंचाई जा सके।
अभियान के अंतर्गत जीएनएम प्रशिक्षण केंद्र परिसर में प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें जीएनएम एवं बी.एससी. नर्सिंग के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता में कुष्ठ रोग से संबंधित सामान्य जानकारी, लक्षण, उपचार एवं सामाजिक पहलुओं पर आधारित प्रश्न पूछे गए। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया।
प्रतियोगिता में प्रथम स्थान – खेतेश्वर एवं मुस्कान सैनी, द्वितीय स्थान – लक्ष्मण एवं बिपना एवं तृतीय स्थान – अंजना एवं अंकिता रही, कार्यक्रम में जीएनएम प्रशिक्षण केंद्र के प्राचार्य मंगला राम जी बिश्नोई, उपप्राचार्य श्री लिखमा राम जी, जीकॉन के प्राचार्य श्री मनोहर डारा, कुंदन सोनी, राजेश मिश्रा, विद्यार्थी एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन श्री चैनाराम प्रजापत द्वारा किया गया। कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित सभी प्रतिभागियों एवं विद्यार्थियों ने कुष्ठ रोग के प्रति जागरूकता फैलाने एवं भेदभाव-मुक्त समाज के निर्माण में सहयोग करने का संकल्प लिया

By Bhaveer